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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 6 कारक एवं विभक्ति प्रकरण (व्याकरण)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 6 कारक एवं विभक्ति प्रकरण (व्याकरण) विश्व की समस्त भाषाओं में संस्कृत ही एकमात्र ऐसी भाषा है, जिसके वाक्य-विन्यास में कर्ता, क्रिया एवं कर्म को कहीं भी प्रयुक्त किया जा सकता है; अर्थात् इन सबको किसी भी क्रम (UPBoardSolutions.com) में रखने पर वाक्यार्थ नहीं बदलता है। इसके…
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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 5 समास-प्रकरण (व्याकरण)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 5 समास-प्रकरण (व्याकरण) समास का अर्थ है-संक्षेप। दो या दो से अधिक पदों को इंसे प्रकार मिलाना कि उनके आकार में कमी आ जाये और अर्थ भी पूरा-पूरा निकल आये, को समास कहते हैं; जैसे-नराणां पतिः = नरपतिः। यहाँ पर ‘नराणां पति:’ का वही अर्थ है, जो ‘नरपति:’…
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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 4 धातु-रूप प्रकरण (व्याकरण)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 4 धातु-रूप प्रकरण (व्याकरण) धातु-रूप प्रकरण   जिस शब्द के द्वारा किसी काम के करने या होने का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं; जैसे-‘राम: पुस्तकं पठति।’ इस वाक्य में ‘पठति से पढ़ने के काम का बोध होता है; अतः ‘पठति क्रिया है। क्रिया के मूल…
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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 3 शब्द-रूप प्रकरण (व्याकरण)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 3 शब्द-रूप प्रकरण (व्याकरण) संस्कृत में शब्दों को निम्नलिखित पाँच भागों में बाँटा जा सकता है- (1) संज्ञा, (2) सर्वनाम, (3) विशेषण, (4) क्रिया, (5) अव्यये। संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण में लिंग, कारक और वचन के अनुसार परिवर्तन होता है। क्रिया में कालें, पुरुष और वचन के…
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UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 15 मनभावन सावन (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 15 मनभावन सावन (मंजरी)   समत पाशों की व्याख्या   झमे-झम …………………………… बूंदें झलमल। संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘मनभावन सावन’ नामक कविता से ली गई हैं।  इसके रचयिता सुमित्रानन्दन पन्त हैं। प्रसंग: प्रस्तुत कविता में कवि ने सावन के बरसते बादल का मनोरम चित्र…
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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 2 सन्धि-प्रकरण (व्याकरण)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 2 सन्धि-प्रकरण (व्याकरण) ‘हिम’ और ‘आलय’, ‘देव’ और ‘आलय’, ‘देव’ और ‘इन्द्र’ आदि शब्द-युग्मों को सदि जल्दी-जल्दी पढ़ा जाये तो इनका मिला हुआ रूप ‘हिमालय’, ‘देवालय’, ‘देवेन्द्र’ आदि ही सदा मुख से निकलता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सन्धि शब्दों के मिले हुए उच्चारण को…
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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 1 माहेश्वर-सूत्र एवं वर्गों का उच्चारण (व्याकरण)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 1 माहेश्वर-सूत्र एवं वर्गों का उच्चारण (व्याकरण) भाषा- भाषा द्वारा हम अपने विचारों को दूसरों तक पहुँचाते हैं तथा दूसरों के भावों को ग्रहण करते हैं। भाषा में अनेक ध्वनियाँ होती हैं। ध्वनियों को प्रकट करने वाले प्रतीकों को वर्ण कहा जाता है। दो या दो से अधिक…
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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 षड्रिपुविजय  (कथा – नाटक कौमुदी)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 14 षड्रिपुविजय  (कथा – नाटक कौमुदी) परिचय– प्रस्तुत पाठ ‘प्रबोधचन्द्रोदयम्’ नामक नाटक से उद्धृत है। यह एक रूपकात्मक नाटक है और श्रीकृष्ण मिश्र के द्वारा प्रणीत है। कृष्ण मिश्र चन्देल राजा कीर्तिवर्मा के शासनकाल में हुए थे। इनका समय 1050 ईसवी के लगभग माना जाता है। नाटक की…
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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 13 विद्यादानम्  (कथा – नाटक कौमुदी)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 13 विद्यादानम्  (कथा – नाटक कौमुदी) परिचय- भारतीय वाङ्मय में वेदों और पुराणों का महत्त्वपूर्ण स्थान है। वेदों की अपेक्षा पुराण सरल, सरस और बोधगम्य हैं। पुराणों में उपदेश कथाओं के माध्यम से दिये गये हैं। ये कथाएँ काल्पनिक न होकर वास्तविक हैं। पुराणों को इतिहास भी…
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UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 12 यज्ञरक्षा (कथा – नाटक कौमुदी)

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 12 यज्ञरक्षा (कथा – नाटक कौमुदी) परिचय– महर्षि वाल्मीकि द्वारा विरचित ‘रामायण’ तथा महामुनि वेदव्यास द्वारा विरचित ‘महाभारत’ दोनों ही ग्रन्थ कवियों और नाटककारों के लिए, अति प्राचीन काल से ही, प्रेरणा-स्रोत रहे हैं। ये ग्रन्थ न केवल संस्कृत कवियों के लिए अपितु प्राकृत, अपभ्रंश आदि के…
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